इंदौर/आई संवाद/ बीजेपी नेता वीरेंद्र शेंडगे द्वारा संघ के स्वयंसेवक के साथ कुत्तों को खाना खिलाने के विवाद और उसके बाद मारपीट समेत अन्य घटनाक्रम को लेकर आरएसएस ने नाराजगी जताई है। संघ के सूत्रों के मुताबिक, भोपाल स्थित संघ कार्यालय समिधा ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मंगाई है, जिसको बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से साझा किया जाएगा। इसी बीच जानकारी निकलकर सामने आई है कि पूरे मामले में विधायक मालिनी गौड़ को हेमंत खंडेलवाल ने तलब किया है।
बीजेपी नेता और संघ स्वयंसेवक का विवाद
दरअसल, उषानगर इलाके में संघ के स्वयंसेवक चेतन पाटिल रोजाना कुत्तों को खाना खिलाने का काम करते थे, जिस पर शनिवार को बीजेपी नेता वीरेंद्र शेंडगे ने आपत्ति दर्ज कराई थी। मामला गर्माने के बाद शेंडगे और उनके समर्थकों ने पाटिल के साथ जमकर मारपीट कर दी। इसके बाद संघ के स्वयंसेवकों ने अन्नपूर्णा थाना पहुंचकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। जिसके बाद शेंडगे समेत उनके सात साथियों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। जिसमें से किसी भी गिरफ्तारी नहीं होने से स्वयंसेवकों में काफी आक्रोश है, हालांकि बीजेपी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेंडगे को विधानसभा प्रभारी के पद से हटाने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसका उचित जवाब नहीं देने पर उन पर 6 साल के निष्कासन की कार्रवाई की जा सकती है।
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संघ पहले से शेंडगे की कार्यशैली से नाखुश
जानकारी के मुताबिक, एक माह पहले महू नाका चौराहे पर हेलमेट न लगाने के चलते वीरेंद्र शेंडगे को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया था, इसके चलते शेंडगे और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। उस समय संघ ने इस तरह के कृत्य को उचित नहीं बताया था, क्योंकि इससे आमजन में गलत छवि का निर्माण होता है। बीजेपी के पदाधिकारियों को लेकर आरएसएस हमेशा जनता के बीच उदाहरण प्रस्तुत करने वाले नेताओं को आगे लाने की बात करता रहा है। वहीं अब मामला संघ स्वयंसेवक से मारपीट का आया है, जोकि आने वाले वक्त में बड़े फेरबदल की तरफ इशारा करता दिखाई दे रहा है।
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