इंदौर/आई संवाद/ इंदौर के उषा नगर इलाके में रहने वाले बीजेपी के विधानसभा चार के प्रभारी वीरेंद्र शेडगे पक संघ के स्वयंसेवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है, जिसके बाद बीजेपी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने तत्काल उन्हें विधानसभा प्रभारी के पद से हटा दिया, साथ ही अपने आचरण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इंदौर बीजेपी की तरफ से जारी पत्र में साफतौर पर कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा।
पहले भी विवादों में रहे हैं वीरेंद्र शेडगे
बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे पहले भी विवादों में रहे हैं, करीब एक महीने पहले उन्होंने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से हुज्जत की थी, जब उन्हें हेलमेट नहीं पहनने पर महिला पुलिसकर्मी ने रोक लिया था। इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे, पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। उसके बाद दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। इस मामले में बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझा था।
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संघ के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्रवाई
सारा मामला डॉग को घुमाने को लेकर शुरु हुआ बताया जा रहा है, जिसके बाद संघ कार्यकर्ता और वीरेंद्र शेडगे के बीच कहासुनी हो गई, नतीजतन विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक आ गई, आरोप है कि शेडगे ने संघ कार्यकर्ता के साथ मारपीट की। जिसके बाद मामले की जानकारी संघ के पदाधिकारियों ने स्थानीय आरएसएस कार्यालय सुदर्शन कार्यालय तक पहुंचाई, उसके बाद तत्काल जानकारी मिलने पर बीजेपी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से चर्चा कर वीरेंद्र शेडगे को कारण बताओ नोटिस थमाकर विधानसभा प्रभारी के पद से हटा दिया।
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