Isamvad

संस्कार भारती ने नटराज पूजन के साथ 12 कला गुरुओं का किया सम्मान

Share Latest News On:

इंदौर। संस्कार भारती महानगर कार्यकारिणी इंदौर की ओर से रामबाग स्थित सुदर्शन भवन के बौद्धिक सभागृह में नटराज पूजन एवं कलागुरु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और भगवान नटराज के पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर साहित्य, इतिहास, चित्रकला, रंगकर्म, संगीत और नृत्य सहित विभिन्न कला क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 12 कलागुरुओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्कार भारती के पदाधिकारियों, नगर कार्यकारिणी के सदस्यों सहित 134 से अधिक कला प्रेमी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

समारोह में पद्मभूषण गोकुलोत्सव महाराज (शास्त्रीय गायक), पद्मश्री पुरू दधीच (कथक नर्तक), पद्मश्री भेरूसिंह चौहान (लोक गायक), पंडित अरुण मोरोने (सितार वादक), संतोष संत (बांसुरी वादक), श्रेणिक जैन (चित्रकार), गोपाल माहेश्वरी (साहित्यकार), राकेश शर्मा (साहित्यकार), डॉ. शोभा जैन (साहित्यकार), चिंतेश पाटीदार (कला शिक्षक), आशा राजोले (कला शिक्षक) और डॉ. आशीष पिल्लई (भरतनाट्यम नर्तक) को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में ‘भगवान नटराज का वैज्ञानिक महत्व’ विषय पर प्रो. के. वेंकटरमण ने तथ्यपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने नटराज के स्वरूप को विज्ञान से जोड़ते हुए बताया कि भगवान नटराज की प्रत्येक मुद्रा और अंग अपने भीतर विशेष अर्थ समेटे हुए है। हाथ में धारण की गई अग्नि सृष्टि के संहार का प्रतीक है, अभय मुद्रा संरक्षण का संदेश देती है, जटाओं से प्रवाहित गंगा जीवन के प्रवाह को दर्शाती है, जबकि चारों ओर बना चक्र ब्रह्मांडीय ऊर्जा और समय के चक्र का प्रतीक माना जाता है।

दूसरे वक्ता संस्कृत विद्वान मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने ‘गुरु-शिष्य परंपरा के अवदान’ विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुरु यदि अपनी विद्या को केवल संचित करता रहे और उसे शिष्यों तक न पहुंचाए तो ज्ञान की परंपरा धीरे-धीरे समाप्त हो सकती है। गुरु का दायित्व निःस्वार्थ भाव से ज्ञान का प्रसार करना है, वहीं शिष्य का कर्तव्य विनम्रता, अनुशासन और श्रद्धा के साथ ज्ञान ग्रहण करना है। उन्होंने महाकवि कालिदास के संदर्भों और संस्कृत श्लोकों के माध्यम से गुरु की महिमा को भी विस्तार से प्रस्तुत किया।

समारोह के अंत में प्रवीण शर्मा ने मधुर बांसुरी वादन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन वाणी जोशी ने किया, जबकि महानगर अध्यक्ष सीमा अलावा ने आभार व्यक्त किया।