भोपाल/आई संवाद/ बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने गुरुवार को अपने 11 राज्यसभा उम्मीद्वारों की लिस्ट जारी की थी, इसमें मध्यप्रदेश के लिए भी दो प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया गया, जबकि गुजरात से चार, राजस्थान से दो, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और मणिपुर से एक-एक प्रत्याशी की घोषणा की गई। मध्यप्रदेश की लिस्ट में सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात सामने आई, कि जिन दिग्गजों का नाम संभावित प्रत्याशियों के रुप में लिया जा रहा था, उन्हें दरकिनार कर बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ और एमपी बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा टिकट दे दिया गया।
रजनीश का बेहतर राजनीतिक करियर
रजनीश अग्रवाल एमपी के सागर जिले के मंडी बामारो से आते हैं, जोकि सबसे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विस्तारक के रुप में घर से निकले, इस दौरान लोगों ने उनकी क्षमता की जमकर तारीफ की थी। जानकारी के मुताबिक रजनीश अग्रवाल उन विरले नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्हें पीएम दी एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलो करते हैं। रजनीश विद्यार्थी परिषद के विस्तारक निकलने के बाद कार्यालय मंत्री बने, युवा मोर्चा में भी केंद्रीय स्तर पर दायित्व संभाला, बीजेपी के प्रदेश मंत्री के रुप में उनका यह दूसरा कार्यकाल है, वे बीजेपी के प्रखर प्रदेश प्रवक्ताओं में गिने जाते हैं। जिन्होंने पत्रकारिता में डिग्री हासिल की है। उनकी पत्नी भी पत्रकार है।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन के करीबी
बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल ने विद्यार्थी परिषद के जमाने में खांटी संघी अभय महाजन, अरविंद सिंह भदौरिया और वीडी शर्मा के साथ काम संगठन मंत्र सीखा। भारतीय जनता युवा मोर्चा काम करते हुए उनकी नजदीकियां बीजेपी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन से हुई। सबसे खास पहलू यह है कि उस दौरान के एक वाक्या है कि नितीन नवीन ने उनकी बारात में आने का वादा किया था, जिसे उनके बखूबी ढंग से निभाया, और युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रहते रजनीश अग्रवाल की बारात में शामिल हुए। जिसके बाद अब उस करीबी का रंग दिखाई दिया है कि रजनीश अग्रवाल राज्यसभा की सीढ़ियां चढ़ते नजर आएंगे।
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