भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। यह मामला अब केवल संगठनात्मक निर्णय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के दो बार उम्मीदवार रह चुके नरेश ज्ञानचंदानी ने पार्टी नेतृत्व के इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं।
नरेश ज्ञानचंदानी की पोस्ट में ये खास
ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को ‘रणनीतिक भूल’ करार दिया। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सलाह दी थी कि उम्मीदवार चयन में विशेष सावधानी बरती जाए, क्योंकि प्रदेश में क्रॉस वोटिंग की संभावना को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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फिर से दिग्विजय सिंह ही चाहिए
नरेश ज्ञानचंदानी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में प्रत्येक विधायक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी तरह की नाराजगी या असहमति चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है। ज्ञानचंदानी ने यह भी दावा किया कि यदि वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाता, तो पार्टी की स्थिति अधिक मजबूत रहती और सीट जीतने की संभावना लगभग तय मानी जा सकती थी।
संख्याबल में कांग्रेस मजबूत
हालांकि, विधानसभा में संख्याबल के आधार पर कांग्रेस की स्थिति फिलहाल मजबूत नजर आती है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जबकि कांग्रेस के पास वर्तमान में करीब 62 विधायक हैं। इसके बावजूद पार्टी के भीतर उभर रहे असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
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