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यात्री कृपया ध्यान दें…क्षिप्रा से चंबल तक किराया मात्र 55 रूपये, रेलवे ने दी यात्रियों को बड़ी सौगात!

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उज्जैन/आई संवाद/ उज्जैन और कोटा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने दोनों शहरों के बीच पहली मेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। कम किराए और अधिक स्टॉपेज वाली यह ट्रेन विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और धार्मिक यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। नई मेमू ट्रेन शामगढ़ और चौमहला मार्ग से होकर संचालित होगी तथा रास्ते में आने वाले सभी प्रमुख और छोटे स्टेशनों पर ठहरेगी। सबसे खास बात यह है कि उज्जैन से कोटा तक का किराया मात्र 55 रुपये निर्धारित किया गया है, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

अब कम खर्च में होगा सफर
अब तक इस रूट पर यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता था, जिनका किराया 100 रुपये से अधिक था। वहीं नई मेमू ट्रेन कम बजट में यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी। हालांकि यात्रा अवधि लगभग सात घंटे की रहेगी, लेकिन ट्रेन का हर स्टेशन पर रुकना क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा।

ट्रेन का संचालन समय

कोटा-उज्जैन मेमू (61624)

  • प्रस्थान: सुबह 5:40 बजे, कोटा
  • आगमन: दोपहर 12:00 बजे, उज्जैन

उज्जैन-कोटा मेमू (61623)

  • प्रस्थान: दोपहर 12:30 बजे, उज्जैन
  • आगमन: शाम 7:05 बजे, कोटा

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विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को इस ट्रेन से विशेष लाभ मिलेगा। JEE और NEET की कोचिंग के लिए आने-जाने वाले छात्र अब कम खर्च में यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह ट्रेन सुविधाजनक साबित होगी।

जनप्रतिनिधियों ने किया शुभारंभ
नागदा रेलवे स्टेशन पर सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक तेजबहादुर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। उज्जैन स्टेशन पर भी ट्रेन के पहले फेरे के यात्रियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर रेलवे अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

यात्रियों ने जताई खुशी
ट्रेन के संचालन के पहले दिन ही यात्रियों में उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए उपयोगी पहल बताते हुए रेलवे के निर्णय का स्वागत किया। छात्रों का कहना है कि कम किराए और सुविधाजनक स्टॉपेज के कारण अब कोटा जाकर पढ़ाई करना आसान होगा। वहीं दैनिक यात्रियों का मानना है कि यह ट्रेन उनके समय और पैसे दोनों की बचत करेगी। व्यापारियों ने भी उम्मीद जताई है कि छोटे कस्बों और बाजारों को बेहतर रेल संपर्क मिलने से कारोबार को गति मिलेगी। महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस नई सेवा का लाभ मिलेगा। रेलवे की यह पहल उज्जैन, नागदा और कोटा के बीच आवागमन को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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