इंदौर/आई संवाद/ शहर में पहले से जारी जल संकट के बीच नर्मदा परियोजना की मुख्य पाइपलाइन फूटने से हालात और गंभीर हो गए हैं। गुरुवार को महू के अग्रसेन चौराहे के पास नर्मदा तृतीय चरण की पाइपलाइन अचानक क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे लाखों गैलन पानी सड़कों पर बह गया। तेज बहाव के चलते सड़कें नदी जैसी नजर आने लगीं और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पानी के अतिरिक्त दबाव का असर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पाइपलाइन फूटने के बाद पानी का दबाव इतना अधिक था कि दोपहिया वाहनों के पहिए तक पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल पंप बंद कराकर पानी के प्रवाह को रोका गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खुदाई का कार्य शुरू किया गया।
दुकानों में घुसा पानी
तेज जलप्रवाह के कारण आसपास की कुछ दुकानों और एक बैंक परिसर में भी पानी घुस गया। करीब आधा किलोमीटर तक सड़क पर पानी बहने से क्षेत्र में नदी जैसा दृश्य देखने को मिला। अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइन नर्मदा तृतीय चरण की है, जिससे इंदौर के साथ-साथ महू क्षेत्र में भी जलापूर्ति की जाती है।
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टंकियां नहीं भर सकीं, जलापूर्ति पर असर
पाइपलाइन फूटने के कारण नर्मदा तृतीय चरण के पंप बंद करने पड़े, जिससे इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। सामान्य तौर पर शहर की जल टंकियों को चार से पांच मीटर तक भरा जाता है, लेकिन तकनीकी बाधा के कारण इस बार केवल दो से तीन मीटर तक ही पानी भर पाया।
60 से ज्यादा टंकियों पर असर
इसका सीधा असर शहर की 60 से अधिक जल टंकियों पर पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को कई इलाकों में कम दबाव से पानी मिलने की संभावना है। वहीं महू शहर और आर्मी क्षेत्र की जलापूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। जल विभाग की टीम पाइपलाइन की मरम्मत में जुटी हुई है और जल्द से जल्द व्यवस्था सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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