महू (इंदौर)/आई संवाद/ महू की बंडा बस्ती में कथित गोवध प्रकरण के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी इमरान खटखट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए गए। पेशी के दौरान दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के कारण आरोपी को पुलिसकर्मियों के सहारे अदालत तक ले जाया गया। पुलिस के अनुसार 29 मई को बंडा बस्ती स्थित एक अवैध बाड़े में गोवंश वध की सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में मांस और गोवध में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए थे। इस मामले में इमरान खटखट सहित चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।
पुलिस कार्रवाई के दौरान हुआ था पथराव
घटना के दिन पुलिस और प्रशासनिक अमला जब्त सामग्री को कब्जे में लेने की कार्रवाई कर रहा था, तभी क्षेत्र के कुछ लोगों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया था। इस दौरान मुख्य आरोपी इमरान और उसके दो साथी मौके से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने इमरान पर पांच हजार रुपये, हासिम पर तीन हजार रुपये और कल्ला पर दो हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मामले में एक आरोपी कादिर को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस से बचने के प्रयास में पुल से कूदा
पुलिस को मंगलवार रात सूचना मिली कि इमरान चोरल डैम क्षेत्र में देखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी भागने लगा और बचने के प्रयास में पुलिया से नीचे छलांग लगा दी। इस दौरान उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे हिरासत में लिया और अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। जांच में दोनों पैरों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। उपचार के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
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जांच के दायरे में पिता की भी भूमिका
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पिता अनवर खटखट की भी मामले में संलिप्तता के संकेत मिले। इसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इमरान के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
पहले भी हो चुकी है रासुका और जिला बदर की कार्रवाई
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इमरान खटखट के खिलाफ पहले से गोवध, मारपीट और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पिछले वर्ष उस पर रासुका की कार्रवाई की जा चुकी है और जिला बदर भी किया गया था। जिला बदर की अवधि पूरी होने के बाद वह दोबारा क्षेत्र में लौट आया था।
सेना की जमीन पर अवैध कब्जे की भी जांच
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आरोपी ने बंडा बस्ती क्षेत्र में सेना की ए-1 श्रेणी की भूमि पर वर्षों से कब्जा कर रखा है। इसी जमीन पर अवैध रूप से बाड़ा बनाकर पशुपालन और दूध कारोबार संचालित किया जा रहा था। सेना ने स्थल का निरीक्षण करने के बाद अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास बड़ी संख्या में भैंस और गाय हैं, जिनके माध्यम से वह डेयरी व्यवसाय संचालित करता था। अब प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
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