Janapav Parshuram Lok Controversy

BREAKING NEWS: भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव के महंत ने त्यागा अन्न-जल… हुए नाराज!

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इंदौर/आई संवाद/ भगवान परशुराम की जन्मस्थली माने जाने वाले जानापाव स्थित मंदिर के महंत बाबा हीरानंद ने अन्न और जल का त्याग कर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित परशुराम लोक परियोजना और मंदिर प्रबंधन से जुड़े हालिया फैसलों के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है।

परशुराम लोक किया जाएगा विकसित
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने जानापाव में भव्य परशुराम लोक विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है। महंत बाबा हीरानंद को इस समिति में केवल सदस्य के रूप में शामिल किए जाने से वे नाराज बताए जा रहे हैं। इसी विरोध स्वरूप उन्होंने पिछले 36 घंटे से अन्न और जल का त्याग कर रखा है।

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प्रशासन ने बताई विरोध की वजह
मामले को लेकर प्रशासन का कहना है कि सरकार ने मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया है। इसके तहत मंदिर की दान पेटियों को सील किया गया है और आय-व्यय के लिए अलग बैंक खाता भी खोला गया है। साथ ही मंदिर के पुजारी के मानदेय की व्यवस्था भी तय की गई है। एसडीएम राकेश परमार के अनुसार, इन प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी बदलावों के विरोध में महंत द्वारा उपवास किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि मंदिर के वास्तविक महंत बद्री बाबा थे, जबकि बाबा हीरानंद उनकी सेवा में कार्यरत थे।

परशुराम लोक परियोजना को लेकर बढ़ी चर्चा
जानापाव को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। सरकार की ओर से यहां परशुराम लोक विकसित करने की योजना को लेकर पहले ही व्यापक चर्चा चल रही है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन और समिति गठन को लेकर उत्पन्न विवाद ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि महंत बाबा हीरानंद अपने विरोध पर कायम हैं। मामले को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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