इंदौर/आई संवाद/ इंदौर के पीपल्याहाना तालाब के पास जिला कोर्ट के नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिसके निर्माण को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और कथित मिलीभगत के चलते निर्माणकार्य की लागत में भारी वृद्धि हुई है, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता ने लगाए गंभीर आरोप
मध्यप्रदेश काग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता एवं अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने बताया कि नए जिला कोर्ट भवन का निर्माण पिछले 8 सालों से चल रहा है। वर्ष 2016 में योजना तैयार की गई थी, और 2018 में निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। प्रारंभिक रुप से इस योजना की लागत 411 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। द्विवेदी के अनुसार परियोजना में चार अलग-अलग कंपनियां काम कर चुकी है या कार्यरत है, जोकि दिलीप बिल्डकॉन, हर्ष एंड कंपनी, आरकान एजेंसी और अग्रवाल एंड कंपनी है। ठेका देने से पहले आरकान कंपनी का अनुभव प्रमाण पत्र और दस्तावेजों को नहीं देखा गया। ऐसे निर्माण में देरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया जाना चाहिए।
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करोड़ों की हेराफेरी का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार को परियोजना के लिए अतिरिक्त 215.61 करोड़ रुपये की मंजूरी देनी पड़ी। समय रहते कंपनियों का रिकॉर्ड चेक कर लिया जाता तो अब तक भवन बनकर तैयार होता। द्विवेदी का दावा है कि संभवत: ये पहला प्रोजेक्ट है जिसमें चार-चार ठेकेदार कंपनियों ने अलग-अलग काम किया है। इसीलिये मामले की शिकायत EOW में की जाएगी, ताकि जिम्मेदारी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके, क्योंकि उनके कारण सरकार को बड़ी आर्थिक हानि हुई है।
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