उज्जैन/आई संवाद/ विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी संस्कृति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुपरहिट फिल्म पुष्पा 2 के किरदार से प्रेरित वेशभूषा में एक युवक बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचा। वहीं युवक का अलग अंदाज देख लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया, और देखते ही देखते उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
‘पुष्पा’ के गेटअप ने खींचा सभी का ध्यान
मिला जानकारी के अनुसार युवक ने फिल्म में अभिनेता अल्लू अर्जुन के चर्चित लुक जैसा मेकअप और पहनावा धारण किया था। उसने साड़ी-ब्लाउज पहन रखा था, पैरों में पायल, नाक में नथ, कानों में आभूषण, हाथों में चूड़ियां तथा गले में नींबू की माला डाली हुई थी। मंदिर पहुंचते ही उसका यह अनोखा रूप श्रद्धालुओं और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
नियम भूलकर सेल्फी लेने में व्यस्त रहे कर्मचारी
बताया जा रहा है कि युवक को देखकर कई सुरक्षाकर्मी और मंदिर कर्मचारी उसके साथ फोटो और वीडियो बनवाने में व्यस्त हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ कर्मचारी उसके साथ सेल्फी लेते और रील्स बनाते दिखाई दे रहे हैं। इससे मंदिर की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
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आम भक्त लाइन में, युवक को मिला वीआइपी प्रवेश
जहां सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ता है, वहीं इस युवक को विशेष सुविधा के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश दिया गया। एक कर्मचारी उसे सीधे गणेश मंडपम क्षेत्र तक लेकर गया और वीआईपी श्रद्धालु की तरह दर्शन करवाए। इस दौरान युवक ने मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में वीडियो भी रिकॉर्ड किए।
प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल और वीडियोग्राफी
महाकाल मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद युवक न केवल मोबाइल के साथ अंदर पहुंचा बल्कि उसने कई वीडियो भी बनाए। सबसे हैरानी की बात यह रही कि नियमों का पालन कराने वाले कर्मचारी ही उसके साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए।
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वीडियो वायरल होने पर प्रशासन सुपरवाइजर को पद से हटाया
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन में हलचल मच गई। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और विशेष सुविधा दिए जाने के आरोपों के बीच मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर को पद से हटा दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि आखिर मंदिर में लागू नियमों का पालन सभी श्रद्धालुओं के लिए समान रूप से क्यों नहीं हो पाता। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि युवक को विशेष अनुमति किस आधार पर दी गई और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के लिए कौन जिम्मेदार था।
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