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कुबेरेश्वरधाम में गेट बंद होने से भड़के व्यापारी… सड़क पर उतरकर शुरू किया धरना!

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सीहोर/आई संवाद/ आस्था के प्रमुख केंद्र कुबेरेश्वरधाम में गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 बंद किए जाने के फैसले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दोनों प्रवेश द्वार बंद होने से आसपास के व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों छोटे-बड़े दुकानदारों ने धाम के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

कर्ज लेकर शुरु की थी दुकान
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कुबेरेश्वरधाम में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर अपनी जमा-पूंजी और कर्ज के सहारे दुकानें स्थापित की थीं। लेकिन मुख्य द्वार बंद होने के बाद ग्राहकों की आवाजाही लगभग समाप्त हो गई है, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना के लिए गए इस निर्णय से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

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श्रद्धालुओं की सेवा में कर रहे सहयोग
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से वे श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्थाओं में सहयोग करते रहे हैं। अब जब धाम में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, तब उन्हें ही नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका दावा है कि कई व्यापारियों ने सीजन को देखते हुए बड़ी मात्रा में सामान खरीदा था, जिसकी बिक्री नहीं होने से आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है। धरने पर बैठे व्यापारियों ने मांग की है कि गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 को जल्द से जल्द पुनः खोला जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों का दिया हवाला
इस मामले में विट्ठलेश सेवा समिति के समीर शुक्ला ने बताया कि आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों के तहत धाम परिसर में कॉरिडोर निर्माण और अन्य व्यवस्थागत कार्य चल रहे हैं। इसी कारण सुरक्षा और निर्माण कार्यों को ध्यान में रखते हुए संबंधित गेट अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। फिलहाल गेट बंद करने के निर्णय और उससे प्रभावित व्यापारियों की मांगों को लेकर धाम प्रबंधन तथा स्थानीय व्यापारियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और धाम प्रबंधन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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