MY Hospital Viral Video

Indore News: MY अस्पताल में कड़े एक्शन के बाद मरीजों को मिली राहत… 2 को किया बर्खास्त!

Share Latest News On:

इंदौर/आई संवाद/ इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल और सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के बीच एक बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर तपती धूप में ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कई कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई की है। तीन स्टाफ नर्स प्रीति, गोविंद और फारुख के साथ-साथ डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव और वार्ड बॉय विजय कामले का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा, गंभीर लापरवाही के चलते हेल्प डेस्क पर तैनात नरेंद्र महाजन और सुरक्षा कर्मी राजेश मिश्रा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

एजेंसी पर लगाया एक लाख का जुर्माना
सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही निजी एजेंसी पर भी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव और न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. परेश सिसोदिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव के सात दिन के वेतन की कटौती का भी आदेश दिया गया है।

ये भी देखें – दो युवतियों के साथ रहने की इच्छा पर विवाद… घर में घुसकर मारपीट का आरोप!

समय पर नही मिली एंबुलेंस, मजबूरी के चलते उठाया कदम
यह पूरा मामला 11 वर्षीय आदर्श मलक से जुड़ा है, जो गंभीर बीमारी के चलते लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ है और 20 मई से एमवाय अस्पताल में भर्ती है। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने उसे रीढ़ की हड्डी से संबंधित उपचार के लिए सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल रेफर किया था, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होने और स्टाफ की देरी के कारण माता-पिता को मजबूर होकर बच्चे को स्ट्रेचर पर ही दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा।

कागजी कार्रवाई में देरी
कागजी कार्रवाई में देरी होने के बाद उन्हें वापस एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा, जिससे परिवार को दोबारा वहीं कठिन परिस्थिति झेलनी पड़ी। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार बच्चा हाइपोहाइड्रोटिक एक्टोडर्मल डिस्प्लेसिया नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसमें शरीर में पसीना ग्रंथियां विकसित नहीं होतीं। ऐसे में शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं हो पाता और गर्मी में स्थिति और गंभीर हो जाती है।

ये भी पढ़ें – लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन नहीं, मांगलिया बनेगा बड़ा रेलवे जंक्शन… तेजी से हो रहा स्टेशन का कायाकल्प!

मां का दुपट्टा बना गर्मी का कवच
एमवाय अस्पताल से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की यात्रा के दौरान मां लगातार अपने दुपट्टे को पानी में भिगोकर बच्चे के शरीर पर रखती रही ताकि उसे गर्मी से कुछ राहत मिल सके। इस वीडियो को जिस भी व्यक्ति ने देखा, वो झकझोर गया, क्योंकि एक सामान्य व्यक्ति का धूप में निकलना मुश्किल है, ऐसे में मरीज का धूप में माता-पिता के द्वारा स्ट्रेचर पर ले जाना, एक दुखभरा क्षण था।

प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल
एमवाय अस्पताल, जो मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा संस्थान है, 1400 से अधिक बिस्तरों की क्षमता रखता है और पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र से मरीज यहां आते हैं। हालांकि, इस तरह की घटनाएं समय-समय पर अस्पताल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती रही हैं। यह ताजा मामला एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर चर्चा का विषय बन गया है।

घरेलू गैस सिलेंडर फिर हुआ महंगा… कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बोला हमला!