इंदौर/आई संवाद/ पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में पेड़ों पर तोतों का एक ऐसा संसार बसता है, जिसको देखकर अचरज होता है, क्योंकि ये पक्षी ट्रैफिक वाले स्थानों पर कम ही रहते हैं, लेकिन यहां पर सैकड़ों की संख्या तोते सालों से रहते आए हैं। पूर्व में एमटीएच कंपाउंड में भी पेड़ों पर ऐसा ही तोतों का संसार बसता था, जिनके आशियाने को अस्पताल निर्माण के समय उजाड़ दिया गया था। वहीं अब पुलिस कंट्रोल रूम से भी तोतों की बस्ती उजड़ने वाली है, मेट्रो स्टेशन में बाधक पेड़ों को काटने की अनुमति मिल गई है।
तोतों की आवाज से नही होगा गुलजार
शाम का वक्त होता था, और कोई भी व्यक्ति पुलिस कंट्रोल रूम के पास से गुजरता था, तो उसके कानों में तोतों के चहचहाने की सुरीली धुन सुनाई देती थी, जिससे मन प्रसन्नता से भर जाया करता था। कई लोग तो यहां इसीलिये ठहर जाया करते थे कि भीड़भाड़ की जिंदगी से उनके मन को तोतों की आवाज सुकून का संसार देती थी, लेकिन अब इस आवाज को सुनने के लिए लोगों का तरसना पड़ेगा, जब जिन पेड़ो पर तोते रहते हैं, उन्हें उजाड़ दिया जाएगा।
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पेड़ काटने के मामले में आए कई पेंच
पेड़ों को काटने के मामले में पहले वृक्ष अधिकारी की अनुमति लगती थी, जोकि आसानी से मिल जाया करती थी। इसके बाद हाईकोर्ट की पावर कमेटी को यह अधिकार दिया गया। पूर्व में हाईकोर्ट ने पेड़ों को नहीं काटने का आदेश दिया था। वहीं हाईकोर्ट पॉवर कमेटी के आदेश को संशोधित करने की अर्जी दायर की गई थी। जिस पर पेड़ों को काटने की अनुमति मिल गई है, लेकिन हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है। कमेटी की अनुशंसा को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। जिस पर छुट्टियां खत्म होने के बाद सुनवाई होगी।
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