धार/आई संवाद/ मध्यप्रदेश के लिए 15 मई का दिन बेहद ही ऐतिहासिक रहा है। इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में हिंदू संगठन ने शुक्रवार 22 मई को महाआरती की। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देते हुए पुलिस ने एक दिन पहले फ्लैगमार्च निकाला। इस मार्च में जवानों के हाथ में तिरंगा था, जोकि सौहार्द्र बनाए रखने की अपील कर रहे थे।
721 साल बाद स्वाभिमान का दिन – अशोक जैन
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि ‘इंदौर हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले बाद शुक्रवार को भोजशाला में हिन्दू समाज द्वारा दोपहर के समय जुलूस निकालकर महाआरती की गई।’ समिति ने दावा किया है कि 721 साल बाद यह शुक्रवार आया है और यह हमारे स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, पूरे दिन हिंदू समाज ने भोजशाला में पूजा अर्चना की। जिला प्रशासन ने जनता से शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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भोजशाला में ये होता था पहले
इंदौर हाईकोर्ट के फैसले से पहले ASI के साल 2003 के आदेश का पालन किया जा रहा था। जिसके मुताबिक हर मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज के लोग भोजशाला में पूजा करते थे, जबकि हर शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग नमाज पढ़ा करते थे, वहीं जब शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी पड़ती थी, तो विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती थी। वहीं अब हिंदू समाज को आधिपत्य मिलने के बाद लंदन से म्यूजियम से मां वाग्देवी की प्रतिमा लाने की मांग की जा रही है।
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