Indore Contaminated Water

Exclusive News: इंदौर में एक बार फिर दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार… अस्पताल में इलाज जारी!

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इंदौर/आई संवाद/ इंदौर में दूषित पेयजल का संकट लगातार गहराता नजर आ रहा है। भागीरथपुरा के बाद अब वार्ड क्रमांक-16 के महावीर नगर क्षेत्र में भी गंदा पानी सप्लाई होने से लोगों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार दूषित पानी पीने से करीब 10 लोग बीमार पड़ गए हैं, जिससे क्षेत्र में चिंता और नाराजगी का माहौल है।

रहवासियों ने लगाया आरोप
रहवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नलों में बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा था। इस संबंध में नगर निगम को कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रभावित परिवारों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिली हैं। बीमार लोगों का उपचार कराया जा रहा है।

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सीवरेज का पानी मिलने की आशंका
प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए उपयोग किए जा रहे बोरवेल में सीवरेज का पानी मिल गया, जिसके कारण दूषित पानी घरों तक पहुंचा। इसी वजह से लोगों की तबीयत खराब होने लगी। रहवासियों का कहना है कि यदि नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच और पाइपलाइन नेटवर्क की निगरानी की जाती, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। लोगों ने नगर निगम से स्थायी और ठोस समाधान की मांग की है।

निगम और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
मामले की जानकारी मिलते ही नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर रहवासियों से चर्चा की और जलापूर्ति व्यवस्था की जांच शुरू कर दी। नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दूषित पानी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी और उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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उबालकर पानी पीने की सलाह
एहतियात के तौर पर नगर निगम ने क्षेत्रवासियों को फिलहाल पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। साथ ही बोरवेल, पाइपलाइन और जल स्रोतों की तकनीकी जांच भी की जा रही है ताकि समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके।

घर-घर सर्वे कर रही टीम
नगर निगम के साथ एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) की टीम भी क्षेत्र में सक्रिय है। टीम घर-घर जाकर बीमार लोगों की संख्या, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और बीमारी के लक्षणों की जानकारी एकत्र कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दूषित पानी किस स्रोत से सप्लाई हुआ और इसका दायरा कितना व्यापक है। लगातार दूसरे क्षेत्र में दूषित पानी से लोगों के बीमार होने की घटनाओं ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और नगर निगम की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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