indore-tomato-price-hike

Indore News: 80 रुपये किलो हुआ टमाटर… जानिये आखिर क्या है इसका कारण!

Share Latest News On:

इंदौर/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में बढ़ती गर्मी का असर अब सब्जियों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर टमाटर के दामों में अचानक आई तेजी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। इंदौर में खुदरा बाजार में टमाटर 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसके दाम और बढ़ सकते हैं। प्रदेश में स्थानीय स्तर पर टमाटर का उत्पादन लगभग समाप्त हो चुका है, जिसके चलते बाजार अब बाहरी राज्यों की आपूर्ति पर निर्भर हो गया है।

800 से 1000 रुपये प्रति कैरेट दाम
इंदौर की सबसे बड़ी देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी (चोइथराम मंडी) में टमाटर के थोक भाव 800 से 1000 रुपये प्रति कैरेट तक पहुंच गए हैं। उच्च गुणवत्ता वाला टमाटर थोक बाजार में 50 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।

महाराष्ट्र से बढ़ी आस
वर्तमान में इंदौर समेत पूरे मध्य प्रदेश में टमाटर की आपूर्ति मुख्य रूप से महाराष्ट्र के नारायणगांव और कलवन क्षेत्रों से हो रही है। व्यापारियों के अनुसार आगामी तीन महीनों तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। नई फसल बाजार में गणेश चतुर्थी के आसपास आने की उम्मीद है, जिसके बाद कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है।

ये भी पढ़ें – गर्मी में सत्तू का सेवन करना है वरदान… जानिये क्या है फायदे और नुकसान

मंडी और बाजार में भाव
महाराष्ट्र से आने वाला प्रीमियम क्वालिटी टमाटर मंडी में 800 से 1000 रुपये प्रति कैरेट तक बिक रहा है। इसका थोक भाव 50 से 60 रुपये प्रति किलो है, जबकि उपभोक्ताओं को यही टमाटर बाजार में 70 से 80 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिल रहा है। वहीं राजस्थान से आने वाला टमाटर अपेक्षाकृत सस्ता है। मंडी में इसकी कीमत लगभग 400 रुपये प्रति कैरेट है। थोक बाजार में यह 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसके दाम 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रहे हैं।

टमाटर महंगा होने के प्रमुख कारण

स्थानीय उत्पादन में भारी गिरावट: मालवा और निमाड़ क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण टमाटर की फसल लगभग समाप्त हो चुकी है। अधिकांश किसान नई फसल की तैयारी में जुट गए हैं। वर्तमान में हरदा क्षेत्र में ही सीमित मात्रा में टमाटर उपलब्ध है।

राजस्थान से सप्लाई घटने की आशंका:  कोटा और बड़ा नयागांव क्षेत्र से आने वाले टमाटर की आवक लगातार कम हो रही है। खराब मौसम और खेती संबंधी समस्याओं के कारण अगले कुछ दिनों में वहां से आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की संभावना जताई जा रही है।

अन्य राज्यों में बढ़ी मांग: गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों में टमाटर की मांग बढ़ने से उपलब्ध माल का बड़ा हिस्सा वहां भेजा जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के बाजारों में कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।

मंडी शुल्क में वृद्धि: मंडी नाका टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने से परिवहन और व्यापार लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर टमाटर सहित अन्य सब्जियों के खुदरा दामों पर पड़ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में आपूर्ति की स्थिति नहीं सुधरी, तो टमाटर के दामों में और उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल महंगे टमाटर से राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है।

गर्मियों में कच्चा प्याज सेहत का खजाना… भीषण गर्मी में देता है राहत!