Chhawani Poster Controversy

छावनी के पीड़ितों ने एक बार फिर लगाए पोस्टर… बीजेपी नेताओं को दिया धन्यवाद!

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इंदौर/आई संवाद/ इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ दिन पहले जहां प्रभावित रहवासियों और व्यापारियों ने कार्रवाई के विरोध में तीखे संदेशों वाले पोस्टर लगाए थे, वहीं अब इलाके में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करने वाले पोस्टर दिखाई दे रहे हैं।

मास्टर प्लान के तहत हुई कार्रवाई
नगर निगम द्वारा मास्टर प्लान के तहत छावनी और जिंसी क्षेत्र की सड़कों को 60 फीट चौड़ा करने की कार्रवाई की गई थी। इस दौरान कई मकानों और दुकानों के हिस्से हटाए गए। प्रभावित लोगों का कहना था कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और कुछ स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक तोड़फोड़ की गई।

रहवासीयों ने जताया विरोध
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में विरोध का माहौल बन गया था। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर पोस्टर लगाकर नाराजगी जताई थी। इन पोस्टरों पर ‘आज हमारी, कल तुम्हारी बारी’ और ‘छावनी की बर्बादी पर हंसने वालों, एक दिन आपका भी नंबर आएगा’ जैसे संदेश लिखे गए थे।

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इन नेता के लगे पोस्टर
छावनी क्षेत्र में नए पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें सड़क चौड़ीकरण को व्यापारियों और रहवासियों के हित में बताया गया है। पोस्टरों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का धन्यवाद व्यक्त किया गया है। पोस्टर पर विधायक गोलू शुक्ला का चित्र भी लगाया गया है। जानकारी के अनुसार ये पोस्टर भाजपा कार्यकर्ता पलक जैन द्वारा लगाए गए हैं।

पोस्टर लगाकर किया आभार व्यक्त
पोस्टरों में विशेष रूप से मधुमिलन चौराहे से छावनी तक सड़क को 60 फीट चौड़ा किए जाने के लिए जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। इन नए पोस्टरों के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कार्रवाई के दौरान हुआ गंभीर हादसा
गौरतलब है कि 22 मई को सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान एक गंभीर हादसा भी हुआ था। निगम की कार्रवाई के बीच बिजली का एक पोल गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जहां उनकी बड़ी सर्जरी की गई।

अपेक्षा से ज्यादा नुकसान
स्थानीय रहवासियों ने यह आरोप भी लगाया था कि कार्रवाई से एक दिन पहले मकानों पर लगाए गए पुराने निशानों को बदल दिया गया था। उनका कहना था कि पहले की गई नपती के आधार पर लगाए गए निशान मिटाकर नए निशान लगाए गए, जिससे कई मकानों को अपेक्षा से अधिक नुकसान हुआ। साथ ही निगम कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए थे।

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न्याय रैलीभी निकाली
इस मुद्दे को लेकर जनहित पार्टी ने छावनी क्षेत्र में ‘न्याय रैली’ भी निकाली थी। पार्टी का आरोप था कि बिना पर्याप्त सहमति और उचित मुआवजे के लोगों के घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया। पार्टी ने 136 वर्ष पुरानी छावनी बसाहट को विकास के नाम पर प्रभावित करने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस ने उठाई मुआवजे की मांग
वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर कार्रवाई का विरोध किया था। कांग्रेस ने प्रशासन से प्रभावित लोगों को उचित राहत, मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग उठाई थी।

विरोध प्रदर्शन बना नया केंद्र
अब विरोध और समर्थन के इन दो अलग-अलग चरणों के बीच लगे पोस्टर छावनी क्षेत्र की राजनीति और जनभावनाओं का नया केंद्र बन गए हैं।

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