भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी मुश्किलों में घिर गई है। चुनाव आयोग से राहत नहीं मिलने पर कांग्रेस अब न्याय की उम्मीद लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।
कांग्रेस पर हमलावर भाजपा
दूसरी ओर भाजपा इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। भाजपा नेताओं का दावा है कि मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी उन्हें कांग्रेस के ही एक अंदरूनी सूत्र ने उपलब्ध कराई। इसी बीच कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीदवार चयन को लेकर पहले ही चेतावनी देने वाले वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी की एक और सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है।
फिर सुर्खियों में नरेश ज्ञानचंदानी
मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी नेतृत्व को आगाह करते हुए कहा था कि उम्मीदवार चयन में गंभीर गलती की जा रही है। बाद में नाराजगी के चलते उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया।
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कांग्रेस के भीतर से जानकारी हुई लीक?
उधर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई भाजपा नेताओं ने यह सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस शासित तेलंगाना से दस्तावेज भोपाल तक कैसे पहुंचे। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस के भीतर से हुई जानकारी लीक होने का मामला बताया।
नए राजनीतिक मोड़ की तरफ इशारा
हालांकि नरेश ज्ञानचंदानी ने अपनी ताजा पोस्ट में इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेज कांग्रेस की ओर से नहीं, बल्कि तेलंगाना भाजपा के माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे। उनके इस बयान के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है और राज्यसभा चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
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