इंदौर/आई संवाद/ शहर में जगह-जगह चौक-चौराहों और सड़कों पर होर्डिंग्स के साथ पोस्टर लगे हुए थे, कि ‘अधूरा नहीं चलेगा’। इन पोस्टरों को देखकर कोई इसे तंज माना रहा था, कोई इसे राजनीतिक चश्में से देख रह था। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर ये क्या है। जिसने शहरवासियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कई लोग तो मीडिया से भी सवाल पूछ रह थे कि ये पोस्टर क्यों लगाए गए हैं। आई संवाद ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, कि ‘भिया इंदौर में ये क्या हो रिया है’।
तो जान लीजिये क्या ‘अधूरा नहीं चलेगा’
दरअसल ये पोस्टर कैंसररोगियों के लिए लगाए गए थे, जोकि मध्यप्रदेश से बाहर जाकर अपना इलाज कराने पर मजबूर होते हैं। उनके लिए जूपिटर कैंसर इंस्टीट्यूट ने ये पोस्टर लगाए थे। इसके जरिए वादा किया गया है कि कैंसर का फुली ट्रीटमेंट अब इंदौर शहर में ही हो जाएगा, उन्हें अन्य प्रदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिसका पूरा स्लोगन है, ‘कैंसर से लड़ाई में अधूरा नहीं चलेगा’। इस स्लोगन के पूरा होने के बाद लोगों की जिज्ञासा शांत होती नजर आ रही है।
ये भी पढ़ें – बीजेपी नेता वीरेंद्र शेंडगे मामले की रिपोर्ट जाएगी ‘समिधा’… हो सकता है बड़ा एक्शन!
कौन बनेगा करोड़पति के समय लगे थे ऐसे पोस्टर
सालों पहले अभिनेता अमिताभ बच्चन के प्रसिद्ध टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के समय इसी तरह शहरभर में कौन बनेगा करोड़पति लिखे पोस्टर लगाए गए थे, जोकि करीब एक महीने लगे रहे थे। उसमें शुरुआत के समय कार्यक्रम का कोई जिक्र नहीं था, वहीं बाद में विस्तार से पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी गई, उस समय भी लोगों के माथे पर जिज्ञासा के बादल मंडराए थे, जोकि एक महीने के बाद शांत हो गए थे।
Indore Special News: भिया इंदौर में ये क्या हो रिया है… ‘अधूरा नहीं चलेगा’?










