भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप चल रहा है, लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, लिहाजा 1 जून से खुलने वाले स्कूलों का समय बढ़ाया जा सकता है, जिसको लेकर एक नोटशीट भेजी गई है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि स्कूलों को 15 जून तक खोला जाए। स्कूल शिक्षा विभाग अगर निर्णय लेता है तो इसका लाभ करीब 4 लाख शिक्षकों को मिलेगा। 15 जून से स्कूल खुलने की स्थिति में 1 जुलाई से विधिवत स्कूल खुलेंगे। वैसे गर्मी के कारण पालक भी बच्चों को स्कूल भेजने से बचते हैं।
जनगणना कार्य में लगे शिक्षक
प्रदेशभर में जनगणना के पहले चरण के काम के तहत मकानों की गणना का काम चल रहा है, जिसमें अन्य विभागों की तरह शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी कार्यरत है। उन्हें गणना के कारण गर्मी की छुट्टियों का काम नहीं मिल पाया है। ऐसे में अगर स्कूल शिक्षा विभाग निर्णय लेता है तो गर्मी में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को काफी लाभ मिलेगा, हालांकि हर बार की तरह इस बार भी शिक्षकों को ऐसी ड्यूटी से दूर रखने की मांग उठ रही है, क्योंकि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, क्योंकि इसके पहले शिक्षकों से ही मतदाता सूची और एसआईआर का काम कराया गया था।
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शिक्षकों की अन्य समस्याएं
मतदाता सूची, एसआईआर और जनगणना जैसे कामों में लगाए गए शिक्षकों के अलावा कई टीचर्स को कलेक्टर, एसडीएम, तहसील कार्यालयों में अन्य कामों के लिए अटैच किया गया है। ऑनलाइन अटैंडेंस का भी कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है, वो गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं। इसी तरह एज्युकेशन पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की पदस्थापना, पदनाम से संबंधित जानकारी को भी फिर से सत्यापित किया जा रहा है। इसी तरह खाली पड़े स्कूलों का वेरिफिकेशन कर आवश्यक संशोधन कराया जा रहा है, हालांकि अब देखना होगा कि शिक्षकों की छुट्टी को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग क्या निर्णय लेता है।
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