इंदौर/आई संवाद/ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा की तथाकथित ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार यह दलील देती रही कि केंद्र, राज्य और नगर निगम में एक ही दल की सरकार होने से शहर के विकास में धन की कमी नहीं होगी, योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति मिलेगी और जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इंदौर की स्थिति इसके ठीक विपरीत है।
इंदौर के मंत्रियों का किया जिक्र
पीसीसी चीफ ने कहा कि इंदौर ने भाजपा को 9 विधायक दिए, जिनमें दो कैबिनेट मंत्री नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट शामिल हैं। इसके अलावा सांसद, महापौर और पूरी नगर निगम परिषद भाजपा के पास है, फिर भी आज पूरा शहर भीषण जल संकट, दूषित पेयजल और अव्यवस्थित विकास का दंश झेल रहा है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा इंदौर की 7 विधानसभाओं से 240 पानी के सैंपल लेकर देश की सर्वश्रेष्ठ लैब में परीक्षण कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकांश क्षेत्रों में नर्मदा पेयजल दूषित और संक्रमित पाया गया, तथा कई स्थानों पर सीवरेज युक्त काला पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर का लगभग 90 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं रह गया है, और जनता अनजाने में जहरीला पानी पीने को मजबूर है।
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भागीरथपुरा जलकांड का किया जिक्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भागीरथपुरा जलकांड का जिक्र करते हुए कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में 36 से अधिक निर्दोष नागरिक दूषित पानी पीने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जनता के जीवन के साथ अपराध है। नगर निगम अधिकारियों और भाजपा जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी थी कि वे समय रहते पानी की गुणवत्ता की जांच करवाते, लेकिन किसी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
इस दौरान ये रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, प्रदेश महासचिव संजीव सक्सेना एवं प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया उपस्थित रहे।
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