इंदौर/आई संवाद/ प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी इंदौर की चोईथराम मंडी है, रोजाना यहां पर करोड़ों रुपयों का व्यापार होता है, लेकिन यहां पर ठियों की लड़ाई चरम पर आ गई है। एक बार फिर बुधवार को दो गुट आमने-सामने हो गए, जिसके चलते मामला थाने तक पहुंचा। जानकारी के अनुसार नई सब्जी मंडी में व्यापारी राजेश चौहान और उमाबाई के बीच विवाद हुआ था। जिसके चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, और नौबत मारपीट तक पहुंच गई।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
घटना को लेकर उमाबाई ने आरोप लगाया है कि राजेश ने उसके साथ मारपीट की और चाकू निकाल लिया। इसी तरह राजेश चौहान का कहना है कि उमाबाई और उसके रिश्तेदारों ने मारपीट की और बचाने आए रिश्तेदारों को भी जमकर पीट दिया। घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसके जरिए सच्चाई सामने आ जाएगी, उमाबाई ने खुद को चाकू मारकर थाने रिपोर्ट लिखाने चली गई।
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अवैध ठिये झगड़ों की वजह
जानकारी के मुताबिक मंडी में झगड़ों की असर वजह यहां पर लगने वाले अवैध ठिये हैं, जोकि बीच रोड पर लगाए जाते हैं। इस दौरान विवाद होने के चलते पिछले 40 सालों में मंडी में 20 हत्याएं हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंडी तीन भागों में बंटी हुई है, प्याज, आलू-प्याज और सब्जी मंडी। सब्जी मंडी में 200 से 300 अवैध ठिये लगते हैं, जिनसे रोजाना 1 हजार से 2 हजार रुपये वसूले जाते हैं। फल मंडी में करीब 300 अवैध ठिये लगते हैं, जिनसे 800 से 3 हजार रुपये तक वसूली की जाती है।
वैध दुकानदार हो रहे परेशान
मंडी में आए दिन हो रहे विवादों के चलते वैध दुकानदारों में भय का माहौल बना हुआ है, उनका कहना है कि अधिकारी अवैध ठियों के जरिए वसूली करने में व्यस्त हैं। किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रभारी के नए होने के चलते वो मंडी का गणित समझने में लगे हैं, वहीं पुराने कर्मचारियों की मौज है, और वो मंडी को माहौल को सुधारने की तरफ कोई कदम नहीं उठा रहे। विवाद भी होता है तो कर्मचारी सीधे पुलिस के पास भेज देते हैं, जबकि विवाद की असल वजह को खत्म करने के लिए कदम नहीं उठा रहे हैं।
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