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बीजेपी संगठन का बड़ा केंद्र बनेगा भोपाल… 5 राज्यों की राजधानी से होगी मॉनिटरिंग

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भोपाल/आई संवाद/ बीजेपी अपने संगठन को मजबूती देने के लिए समय-समय बड़ी कवायद करने में लगी रहती है, इसी के तहत केंद्रीयकृत और तकनीकी रणनीति की तरफ बीजेपी आगे बढ़ती नजर आ रही है, इसी के तहत भोपाल को बीजेपी का क्षेत्रीय कार्यालय बनाने की तैयारी चल रही है। यहां पर निर्माणाधीन नए बीजेपी कार्यालय से मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों के संगठनात्मक कामकाज का संचालन किया जाएगा। जिसके चलते बीजेपी के लिए भोपाल बड़ा केंद्र साबित होगा

निगरानी को बनाया जाएगा प्रभावी
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल में स्थापित होने वाले बीजेपी के क्षेत्रीय कार्यालय मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना भाजपा संगठन का केंद्र बनेगा। बीजेपी आलाकमान का मानना है कि क्षेत्रीय कार्यालय बनाने से पांच राज्यों में संगठन को और भी मजबूती मिलेगी। गतिविधियों की निगरानी प्रभावी ढंग से हो पाएगी। बीजेपी के दस मंजिला भवन में से ग्राउंड फ्लोर से छठी मंजिल तक मध्यप्रदेश भाजपा का संचालन होगा, और ऊपर की चार मंजिलों से अन्य राज्यों के संगठनात्मक कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।  

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आगामी लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति
बीजेपी आगामी लोकसभा चुनावों में प्रचंड जीत के लिए संगठन में कसावट लाना चाहती है। इसी को ध्यान में रखकर चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वरिष्ठ नेताओं के प्रवास पर मॉनिटरिंग की जाएगी। जिसके तहत ही भोपाल को पांच के केंद्र के रुप में स्थापित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल इन राज्यों के प्रमुख बनाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि अपने भोपाल प्रवास के दौरान उन्होंने संगठन महामंत्री के बंद पड़े कमरे को खुलवाकर सारी गतिविधि वहीं संचालित की थी। जिसके बाद से भोपाल से संगठन का बड़ा गढ़ बनने के संकेत मिले थे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की होगी भूमिका
बीजेपी के क्षेत्रीय कार्यालय कार्यालय को लेकर जानकारी निकलकर सामने आ ही रही है कि इस कार्यालय में आगामी रणनीति के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को बुलाया जा सकता है, उन्हें अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपकर कामकाज में कसावट लाई जा सकती है। इसके साथ ही संभागीय संगठन महामंत्रियों की नियुक्ति कर उन्हें सीधे क्षेत्रीय कार्यालय से जोड़ने की बात भी कही जा रही है, जिसे काफी पहले खत्म कर दिया गया था। कार्यकर्ताओं की परेशानी को संभागीय स्तर पर हल करने के साथ उसकी जानकारी संभागीय संगठन महामंत्री क्षेत्रीय कार्यालय को सौपेंगे, ताकि रणनीति में किसी भी तरह की कोताही ना बरती जाए।

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