Jaypal Singh Chawda

इंदौर बीजेपी किसान मोर्चा अध्यक्ष पद को लेकर घमासान… जयपाल सिंह चावड़ा के लिए चुनौती!

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इंदौर/आई संवाद/ मध्यप्रदेश बीजेपी ने इंदौर के संभागीय संगठन महामंत्री रहे जयपाल सिंह चावड़ा को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, वो अपनी पूरी टीम बनाने में जुटे हुए हैं, प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद जिला और नगर अध्यक्ष बनाने की लिस्ट किश्तों में जारी हो रही है। इसी बीच इंदौर में उनको काफी माथापच्ची करना पड़ रही है, क्योंकि वो जिस नेता को नगर अध्यक्ष बनाना चाहते हैं, उसके इतर विधायकों ने दूसरे नाम दे दिए हैं। कहा जा रहा है कि जयपाल सिंह चावड़ा की अगली नजर देपालपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की भी है, जिसके चलते वो नगर अध्यक्ष की नियुक्ति अपनी पसंद से करना चाह रहे हैं।  

रामेश्वर गुड्डा पटेल पर अड़े चावड़ा
देवास जिले के मूल निवासी जयपाल सिंह चावड़ा का अधिकतर कार्यक्षेत्र इंदौर ही रहा है, यहां पर वे इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रहे हैं। ऐसे में इंदौर में अपना वर्चस्व बनाकर चलना चाह रहे हैं। इसी के चलते कलौता समाज से आने वाले रामेश्वर गुड्डा पटेल का नाम किसान मोर्चा के लिए सुझाया है, ताकि आने वाले वक्त में देपालपुर से चुनाव लड़ने की स्थिति में उन्हें लाभ मिल सके, क्योंकि इंदौर के आसपास में कलौता समाज की संख्या बहुतायत में है।  

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प्रमोद बौरासी भी प्रबल दावेदार
किसान मोर्चा के नगर अध्यक्ष के लिए जयपाल सिंह चावड़ा की मंशा के विपरीत विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा और गोलू शुक्ला ने प्रमोद बौरासी का नाम दिया है, जोकि किसान मोर्चा में ही महामंत्री रह चुके हैं, लेकिन जयपाल सिंह चावड़ा उन्हें किसान मानने से ही इंकार कर रहे हैं, जबकि उनके संभागीय संगठन महामंत्री रहते ही प्रमोद बौरासी किसान मोर्चा के महामंत्री बने थे, इसी तर्क को तीनों विधायक गिनाते नजर आ रहे हैं, और कह रहे हैं कि पहले किसान थे, और अब नहीं हैं।

पुरानी नियुक्तियों पर विवाद
जयपाल सिंह चावड़ा ने अपनी प्रदेश स्तरीय टीम में नारायण पटेल को उपाध्यक्ष, सुमेर सिंह सोलंकी को मंत्री और विशाल पाठक को भी टीम में लिया था, जिस पर विवाद बना था कि तीनों नेताओं का खेती किसानी से कोई नाता नहीं है। इसी बीच नगर अध्यक्ष के लिए शेखर चौधरी का नाम भी आगे किया गया है, जोकि खाती समाज से आते हैं, जिसका प्रभुत्व मालवा अंचल के कई गांवों में देखने को मिलता है।

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