इंदौर/आई संवाद/ इंदौर की छावनी में बीते शुक्रवार को नगर निगम के अमले ने पुलिस बल की मौजूदगी में कई मकानों पर बुलडोजर चलाया। जिसके पीछे मकसद था कि मास्टर प्लान के हिसाब से सड़क चौड़ीकरण किया जाए। 60 फीट की सड़क बनाने के लिए सालों पुराने मकानों को जमींदोज किया गया, लेकिन लोगों ने अब अपनी पीड़ा को खुलकर सामने रखना शुरु कर दिया है, जिसके लिए उन्होंने घर के बाहर पोस्टर लगाकर घर की दुर्दशा को जाहिर किया।
पोस्टर लगाकर जाहिर की पीड़ा
छावनी में जिस तरह से पीले पंजे ने तांडव मचाया है, उसके बाद लोगों ने घर के बाहर पोस्टर लगाकर अपना दुख जाहिर किया, और जनता से मार्मिक अपील की, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘छावनी की बर्बादी का तमाशा देखने वालों आपका स्वागत है, आज हमारी कल तुम्हारी बारी है।’ इसके साथ ही एक अन्य पोस्टर में लिखा गया कि ‘जीवित छोड़ देने के लिए नगर निगम और प्रशासन का धन्यवाद।’ जिससे साबित होता है कि किस तरह से लोगों का आशियाना जमींदोज हो गया, और उनके पास रहने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है।
ये पढ़ें – इंदौर में उतरा जल स्तर… शीलनाथ मंदिर के कुंड में महज 5 फीट पर पानी ही पानी!
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी का क्या कारण?
जनप्रतिनिधि का चयन जनता अपने सुख-दुख में साथ देने के लिए करती है, लेकिन इंदौर की छावनी में जिस तरह से लोगों के साथ एक भी जनप्रतिनिधि खड़ा नहीं हुआ है, वो कई शंकाओं को जाहिर करता है, जबकि विपक्ष को तो जनता का पक्ष रखने के लिए मैदान में आना था। लोगों के बीच यही चर्चा चल रही है कि जब पूरे शहर में बीजेपी को जनता ने समर्थन दिया, तो उनके हित के ध्यान में रखकर फैसले होने चाहिए, परंतु उनके साथ कोई नहीं आया। बता दें मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर से ही आते हैं, तो क्या छावनी की जनता के साथ सत्ता पक्ष के नेताओं के खड़े नहीं होने की स्थिति में विपक्ष को मैदान नहीं संभालना चाहिए।
नवतपा में मंदिरों में बदली देवी-देवताओं की दिनचर्या… ठंडे व्यंजनों का लगाया जा रहा भोग!










