इंदौर/आई संवाद/ इंदौर में जल संकट भयावह रुप ले चुका है, जनता सड़क पर नजर आ रही है, विपक्ष ने भी जोरदार प्रदर्शन कर जनता के मुद्दे को उठाने का काम किया, ऐसे में शहर के उषागंज क्षेत्र में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर एक ही गली में सात सर्विस सेंटर नर्मदा और बोरिंग के पानी का दुरुपयोग करते हुए गाड़िया धोने का काम कर रहे थे, इसी मुद्दे को आई संवाद की टीम ने भी उठाया था। जिसके बाद अब पार्षद की शिकायत के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
निगम के अधिकारियों ने की कार्रवाई
मामले की शिकायत पार्षद पंखुड़ी जैन डोसी की तरफ से नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल को मिलने के बाद उन्होंने तत्काल झोनल अधिकारी को निर्देशित किया, जिसके बाद जेडओ और इंजीनियर ने छापामार कार्रवाई कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। जांच में सामने आया है कि सर्विस सेंटर संचालक बेखौफ होकर नर्मदा लाइन और बोरिंग के पानी को एक बड़ी टंकी में इकट्ठा कर उपयोग कर रहे थे, जिसके बाद दो सर्विंस सेंटरों को सील करने के साथ तीन अन्य संचालकों पर आठ-आठ हजार का जुर्माना लगाया गया।
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सर्विंस सेंटर संचालकों को दिए निर्देश
निगम अधिकारियों ने सभी सर्विंस सेंटर संचालकों को निर्देशित किया है कि वो ट्रीटेट वॉटर का ही उपयोग करें, पीने के पानी का उपयोग करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अब माना जा रहा है कि जल संकट के दौर में अन्य सर्विस सेंटर संचालकों की भी जांच की जाएगी, क्योंकि वाहन धोने के नाम पर हजारों गैलन पानी नाली में बहाया जा रहा है, जबकि जनता एक-एक बाल्टी पानी के लिए तरस रही है।
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