इंदौर/आई संवाद/ मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने कुछ दिनों पहले निगम-मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियां शुरु की थी, इसके जरिए कई नेताओं को उपकृत किया गया था। बीजेपी सरकार ने कई ऐसे नेताओं को निगम-मंडल में नियुक्ति देकर चौंकाया था, जिन्हें काफी वक्त से पद की आस थी, लेकिन नियुक्तियों का दौर कुछ समय के बाद ही थम गया। खासतौर पर प्राधिकरण स्तर नियुक्ति में भोपाल और इंदौर जैसे शहर पीछे छूट गए, जहां पर कई नेता अपनी ताजपेशी निश्चित मान रहे थे। ऐसे में अब एक बार फिर नियुक्तियों का दौर शुरु होने की संभावना जताई गई है।
एक बार फिर किया जाएगा समन्वय का प्रयास
पार्टी सूत्रों को मुताबिक सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच फिर से बचे हुए निगम-मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई है। इसमें तय किया गया है कि आने वाले वक्त में एक बार फिर नियुक्तियों को अंतिम रुप दिया जाए। जिसके लिए निगम-मंडल के साथ प्राधिकरणों में भी नियुक्ति को लेकर स्थानीय स्तर के नेताओं में समन्वय स्थापित किया जाए, यदि बात नहीं बनती, तो आलाकमान से चर्चा कर संगठन और सरकार मिलकर अपने स्तर पर नियुक्तियां कर सकते है।
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इंदौर से आस लगाए बैठे कई नेता
निगम-मंडल और प्राधिकरण में नियुक्तियां शुरु होने के बाद से ही इंदौर के नेता सक्रिय हो गए थे। पर, उनके हाथ निराशा ही लगी। एक भी इंदौरी नेता निगम-मंडल में जगह नहीं बना सका। इंदौर विकास प्राधिकरण की कुर्सी को पाने के लिए मची होड़ भी थम गई, जिसके चलते दावेदार हरिनारायण यादव, सुदर्शन गुप्ता, टीनू जैन, अक्षय कांति बंम, कमलेश शर्मा, स्वप्निल कोठारी, मुकेश राजावत समेत अन्य दावेदार बेहद निराश हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि नियुक्तियों के लिए वह भी समन्वय स्थापित करने के लिए पार्टी नेताओं को कह सकते हैं।
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