इंदौर/ आई संवाद/ इंदौर में पुलिस के व्यवहार को लेकर कई बार अफसरों के पास शिकायत जा चुकी है, जिसके बाद अफसरों ने उन्हें अपना रवैया सुधारने का कहते नजर आए, लेकिन उसके बाद भी कई पुलिसकर्मियों के व्यवहार में बदलाव नहीं आने पर अफसरों ने IIM की मदद लेने का फैसला किया है। इसके जरिए इंदौर पुलिस को प्रोफेशनल और संवेदनशील बनाने की कवायद की जाएगी। जिसकी शुरुआत शहर के बाणगंगा थाने से की जा रही है। जिसमें पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल, कम्युनिकेशन, तनाव प्रबंधन और आम नागरिकों से बेहतर व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
फरियादियों की मदद करने की कवायद
प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में फरियादियों की तरफ से आला अधिकारियों के पास एक ही शिकायत जा रही थी कि थाने में उनके साथ अभद्रता की गई, शिकायत दर्ज करने में टालमटोल किया गया, दबाव की भाषा का उपयोग करने के साथ असंवेदनशील रवैया अपनाया गया। जिसके चलते उन्हें थाने से बैरंग ही लौटना पड़ता है। उसी को ध्यान में रखकर IIM के प्रोफेसर पुलिसकर्मियों को बोलचाल का तरीका बताएंगे, ताकि जनता को ऐसी परेशानियों से निचात मिल सके।
ये भी पढ़ें – पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के माली पर मामला दर्ज… मारपीट करने का लगा आरोप
सामान्य व्यवहार का देंगे ज्ञान
किसी भी फरियादी के थाने पर आने के बाद बेहतर व्यवहार उसके साथ बेहतर व्यवहार हो, इंदौर के पुलिस अफसरों की यही मंशा है। IIM के प्रोफेसरों के प्रशिक्षण को लेकर अफसरों ने उम्मीद जताई है कि मैनेजमेंट और व्यवहारिक प्रशिक्षण के जरिए पुलिसकर्मियों के काम करने के तरीके में बदलाव आएगा। प्रशिक्षण के जरिए बताया जाएगा कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी संयम से कैसे काम किया जाए, पीड़ितों से किस तरह से अपनापन दिखाकर उसकी पीड़ा को दूर किया जाए।
जीतू पटवारी पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का पलटवार… कहा – इंदौर को बदनाम करने का षड्यंत्र










