इंदौर/आई संवाद/ इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में उनकी आय की तुलना में कई गुना अधिक संपत्ति होने के संकेत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
शिकायत के आधार पर की जांच
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को मिली गोपनीय शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि कंडवाल ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसके बाद तीन विशेष टीमों का गठन कर उनके स्कीम नंबर-103 स्थित आलीशान मकान, जिम, सुपर स्टोर और अन्य परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
आय से 241 प्रतिशत संपत्ति
लोकायुक्त की जांच के अनुसार कंडवाल वर्ष 1996 से शासकीय सेवा में हैं। लगभग 30 वर्षों की नौकरी के दौरान उनकी कुल आय करीब 2.80 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि अब तक की जांच में लगभग 9.76 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां सामने आई हैं। इस हिसाब से उनकी संपत्ति आय की तुलना में करीब 241 प्रतिशत अधिक पाई गई है।
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आलीशान भवन और कई भूखंड मिले
तलाशी के दौरान स्कीम नंबर-103 में स्थित 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर बने लगभग 13,560 वर्गफीट के बहुमंजिला भवन का पता चला, जिसमें व्यवसायिक परिसर के साथ लग्जरी आवास भी शामिल है। इसके अलावा स्कीम नंबर-140 में दो प्लॉट तथा धार जिले के तारपुरा, बेकल्या, बनेड़िया और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कई कृषि भूमि एवं भूखंड भी जांच में सामने आए हैं।
कई जिलों में फैली चल-अचल संपत्ति
लोकायुक्त को इंदौर और धार जिले के विभिन्न गांवों में कृषि भूमि, प्लॉट और अन्य अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 9.76 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच एजेंसी को बैंक ऑफ इंडिया की सराफा शाखा में एक बैंक लॉकर की भी जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और निवेश संबंधी रिकॉर्ड की जांच जारी है तथा आगे संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम सभी दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
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