इंदौर/आई संवाद/ इंदौर नगर निगम पिछले कुछ महीने में जल संकट से निपटने में लगा रहा है, घर-घर पानी पहुंचाने के लिए कड़ी मशक्कत करना पड़ी, नौबत यहां तक आ गई कि बीजेपी के विधायक को ही नगर निगम महापौर के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करना पड़ी, लेकिन अब गर्मी के बाद नगर निगम से सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी होने वाली है, क्योंकि जल संकट से निपटने से पूरा समय लगने के चलते ड्रैनेज और नदी-नालों की सफाई का वृहद स्तर पर अभियान नहीं चलाया गया, जिसके चलते बारिश के मौसम में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
शहर में करीब 25 प्रमुख नाले
इंदौर नगर निगम की सीमा में करीब 25 प्रमुख नाले आते हैं, जिनके जरिए पानी का बहाव होता है,
जोकि पलसिया नाला, पिपलिया खान नाला, और भामोरी नाला सबसे प्रमुख हैं, जो सुखलिया, कुलकर्णी नगर और कबीट खेड़ी के पास कान्ह नदी में मिलते हैं। इसी तरह कभी शहर की जलधारा कहलाने वाली कान्ह और सरस्वती नदी भी नाले का स्वरुप ले चुकी है। ऐसे में इनके सफाई अभियान की बेहद ही जरुरत है, क्योंकि कई इलाकों में जल भराव की स्थिति बनी रहती है। जल संकट से निपटने के बाद नगर निगम ने अब तक कोई बड़ा अभियान चलाने की तरफ कदम नहीं बढ़ाया है, जोकि निचले इलाकों के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर सकता है।
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ड्रैनेज लाइनों की भी साफ-सफाई की जरुरत
इंदौर में लगभग सभी इलाके में ड्रेनेज सिस्टम काम कर रहा है, जिसके जरिए घरों के अपशिष्ट बाहर निकलता है। पहले देखा है कि इनके चौक होने के कारण कई इलाकों में जल भराव की स्थिति पैदा हो जाती है। पिछले कुछ सालों से यहीं स्थिति बनने के बाद भी नगर निगम ने अब तक कोई बड़ा अभियान इन्हें साफ करने की तरफ नहीं बढ़ाया है, जिस पर जल्द काम करने की जरुरत है।
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