इंदौर/आई संवाद/ इंदौर मेट्रो परियोजना के रुट को पूरा करने के लिए सरकार पूरे प्रयास कर रही है। जिसके चलते आने वाले वक्त में अंडरग्राउंड मेट्रो भी दौड़ने लगेगी। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहा तक के हिस्से के पूरा होने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की मंजूरी भी मिल गई है। जिसके चलते अब टनल वाले हिस्से की तरफ काम शुरु किया जाएगा। जिसके लिए हाईटेट मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जोकि जमीन से 20 मीटर नीचे तक खुदाई करेगी, और शहर के भूमिगत मेट्रो प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाएगी।
जर्मनी और थाईलैंड से आएगी हाईटेक मशीनें
मेट्रो के लिए अंदरुनी सुरंग बनाने के लिए मशीनों को फिलहाल जर्मनी में तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद फाइनल असेंबलिंग का काम थाईलैंड में पूरा होगा। इन मशीनों को इंदौर की मिट्टी के परीक्षण के बाद तैयार किया जा रहा है, ताकि खुदाई के दौरान कोई परेशानी ना आए। जिसके आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।
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पुराने इंदौर में चलेगी अंडरग्राउंड मेट्रो
मेट्रो के लिए अंडरग्राउंड सुरंग पुराने इंदौर के इलाकों से गुजरेगी, इस इलाके में कई मकान करीब 100 साल पुराने हैं। जिसके चलते टनल के निर्माण करे लिए स्पेशल कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि किसी तरह का नुकसान ना हो। बता दें इंदौर की जमीन में मोटे पत्थर, बारीक मिट्टी और मुरम की कई परतें हैं, इसीलिये मिक्स लेयर तकनीक के जरिए मशीनों से सुरंग बनाने का काम किया जाएगा।
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जुलाई से काम शुरु होने की संभावना
मेट्रो के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई 2026 से टनल खुदाई का काम शुरू करने की तैयारी चल रही है। बाहर से मंगाई चारों मशीनों के जरिए अलग-अलग इलाकों में खुदाई का काम चलेगा। अंडरग्राउंड टनल के बनने के बाद एयरपोर्ट, नगर निगम और राजबाड़ा का इलाके तक पहुंचने के लिए सुरक्षित मेट्रो चलेगी। वहीं फिलहाल छोटा गणपति और खजराना रुट पर भी काम तेजी से जारी है। पहले इस इलाके को एलिवेटेड बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में इसे अंडरग्राउंड बनाने का फैसला लिया गया।
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