निगम-मंडल में नियुक्ति, इंदौरी नेताओं को बेसब्री से इंतजार... ये बन रहे भोपाल में समीकरण !

निगम-मंडल में नियुक्ति, इंदौरी नेताओं को बेसब्री से इंतजार… ये बन रहे भोपाल में समीकरण !

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इंदौर/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में निगम-मंडल में नियुक्तियों को दौर शुरु हो चुका है, ऐसे में सबसे ज्यादा सांसें इंदौर के नेताओं की ऊंची-नीची हो रही है, क्योंकि के नेताओं के हाथ अब तक निराशा ही हाथ लगी है, पार्टी ने अब तक ना तो निगम-मंडल में यहां के नेताओं को तवज्जों दी है, और ना ही इंदौर विकास प्राधिकरण में नियुक्ति की गई है। जिसके चलते इंदौरी नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें मंडरा रही है।

इंदौर में फिलहाल जिन नेताओं को निगम मंडल या प्राधिकरण में नियुक्ति की आस है, उनमें गोपीकृष्ण नेमा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, जीतू जिराती, मुकेश राजावत, दिनेश वर्मा, सुधीर कोल्हे, संजय शुक्ला, अक्षय कांति बंम, विशाल पटेल,आयुषी देशमुख,  गोपाल गोयल का नाम प्रमुखता के साथ लिया जा रहा है।

harinarayan yadav

बात करें इन नेताओं के समीकरण की तो हरिनारायण यादव के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अडिगता काम आ रही है, साथ ही यादव फैक्टर भी है, गोपीकृष्ण नेमा को लेकर उनकी वरिष्ठता और वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देना शामिल है। टीनू जैन का नाम युवा आयोग के लिए चल रहा है, क्योंकि उन्हें पिछली बार नगर अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा था। जीतू जिराती को भी टिकट ना मिलने के चलते अबकी बार निगम-मंडल में नियुक्ति देकर खुश किए जाने की संभावना है और खाती समाज की नाराजगी को दूर करने प्रयास किया जा सकता है।

मुकेश राजावत को लेकर अरविंद भदौरिया प्रयासरत है, साथ ही पिछले कुछ दिनों से विधायक महेंद्र हार्डिया से उनकी बढ़ती नजदीकी को भी शुभ संकेत माना जा रहा है। वहीं तीन बार के इंदौर बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष रहने के चलते दिनेश वर्मा का नाम चल रहा है, उनका नाम इंदौर की विधानसभा तीन के विधायक गोलू शुक्ला ने आगे बढ़ाया है। सुधीर कोल्हे को राजनीतिक नियुक्ति की आस काफी पहले से थी, उनके लिए इंदौर की विधानसभा दो के विधायक रमेश मेंदोला अड़े हुए हैं। संजय शुक्ला और विशाल पटेल के लिए सुरेश पचौरी जोर लगा रहे हैं, माना जा रहा है कि यह दो नाम लगभग तय है, क्योंकि उन्होंने लोकसभा चुनाव के समय बीजेपी का दामन थामा था।

निगम-मंडल की नियुक्तियों में अक्षय कांति बंम का नाम लेना भी बेहद ही खास हो जाता है, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस से लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने के बाद सबकुछ दांव पर लगाकर बीजेपी की तरफ अपना रथ मोड़ दिया था। जिसका फायदा उन्हें अब जाकर मिलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि कुछ दिन पहले दिल्ली में उनके किए कार्यक्रम को भी बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें बंम ने बाल संविधान पुस्तक का विमोचन किया था। वहीं बात करें संघ की तरफ से दिए नामों की तो उनमें गोपाल गोयल और आयुषी देशमुख का नाम है।