एडिशनल डायरेक्टर ने अशासकीय संस्था संजीवनी का किया अवलोकन
पालना व्यवस्था के प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश, बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर दिया जोर
इंदौर, महिला एवं बाल विकास विभाग की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. संध्या व्यास द्वारा शुक्रवार को इंदौर के अशासकीय संस्था ‘संजीवनी’ का अवलोकन किया गया। इस दौरान प्रभारी संयुक्त संचालक श्री व्ही. पी. एस. राठौर एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रवि शर्मा उपस्थित रहे।
अवलोकन के दौरान संस्था में कुल 14 बालक पाए गए, जिनमें विशेष आवश्यकता वाले बालक एवं बाल कल्याण की दृष्टि से संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक (CNCP) सम्मिलित हैं। इस दौरान संस्था में बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
पालना व्यवस्था के प्रचार-प्रसार के निर्देश
डॉ. संध्या व्यास ने बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के उद्देश्य से पालना (क्रैडल) व्यवस्था के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पालना व्यवस्था के संबंध में आमजन को जागरूक किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी कारणवश अपने शिशु का पालन-पोषण करने में असमर्थ माता-पिता अथवा अन्य व्यक्ति शिशु को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय निर्धारित पालना व्यवस्था का उपयोग कर सकें।
इंदौर की संबंधित बाल देखरेख संस्थाओं में पालना व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से शिशुओं को सुरक्षित वातावरण में संरक्षण उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार उनकी देखरेख, पुनर्वास एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएँ सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
डॉ. व्यास ने निर्देशित किया कि पालना व्यवस्था की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाई जाए, जिससे बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों में छोड़े जाने की घटनाओं को रोकने तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण और उचित संरक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिल सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा एवं संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में जन-जागरूकता एवं व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।







