जिला पंचायत इंदौर की साधारण सभा की बैठक संपन्न, 16वें वित्त की कार्ययोजना का अनुमोदन तथा विभिन्न विकास कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा

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जिला पंचायत इंदौर की साधारण सभा की बैठक संपन्न, 16वें वित्त की कार्ययोजना का अनुमोदन तथा विभिन्न विकास कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा

इंदौर, जिला पंचायत सभाकक्ष इंदौर में जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में साधारण सभा के सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हिमांशु प्रजापति तथा सांसद श्री शंकर लालवानी, विभिन्न क्षेत्रों के विधायक प्रतिनिधिगण एवं जिला पंचायत के सदस्यगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से 16वें वित्त आयोग की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया, जिसमें विकास कार्यों को मुख्यतः स्वच्छता एवं पेयजल के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित किया गया है। इसके साथ ही बैठक में लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सामाजिक न्याय विभाग तथा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई।
*बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं दिए गए दिशा-निर्देश*
• 16वें वित्त की कार्ययोजना का अनुमोदन: बैठक में सर्वसम्मति से 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत आगामी कार्ययोजना को वित्तीय स्वीकृति एवं अनुमोदन प्रदान किया गया। इस कार्ययोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यतः ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन (स्वच्छता) तथा घर-घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाले कार्यों को प्राथमिकता से केंद्रित कर क्रियान्वित किया जाएगा।
• लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा: बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) की अनुपस्थिति पर जनप्रतिनिधियों ने अप्रसन्नता व्यक्त किया। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उक्त विभाग के कार्यों की पृथक से विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
• लापरवाह ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई: पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत लंबे समय से लंबित एवं अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को तत्काल प्रभाव से ब्लैक लिस्ट (काली सूची में दर्ज) करने तथा उनकी जमा सुरक्षा राशि राजसात (ज़ब्त) करने के कड़े निर्देश जारी किए गए।
• ग्रामीण सड़कों का समय-सीमा में सुदृढ़ीकरण: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पूर्व से प्रगतिरत (प्रचलित) कार्यों तथा स्वीकृत नवीन निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सड़कों का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।
• कृषि एवं कृषक कल्याण: कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया। मैदानी अमले (फील्ड स्टाफ) को निर्देशित किया गया कि वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का सघन भ्रमण (विजिट) करें और किसानों को कम पानी अथवा कम बाली वाली फसलों के उत्पादन के लिए तकनीकी रूप से मार्गदर्शन दें तथा उन्हें प्रोत्साहित करें।
• नल-जल योजनाएं एवं पेयजल प्रबंधन: जिले में संचालित विभिन्न नल-जल योजनाओं की क्रियाशीलता की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन स्थानों पर तकनीकी खामियां हैं, वहां तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए पेयजल की वैकल्पिक (स्टैंडबाय) व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए ताकि ग्रामीणों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
• जर्जर स्कूल भवन का त्वरित स्थानांतरण: शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान ग्राम मेड स्थित शासकीय स्कूल के भवन के अत्यधिक जर्जर होने का मामला संज्ञान में आया। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए समिति द्वारा उक्त स्कूल को तत्काल प्रभाव से किसी अन्य सुरक्षित व उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने के सख्त निर्देश दिए गए।
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