भोपाल। मध्यप्रदेश के मूंग और उड़द उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की सरकारी खरीदी की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब किसान 20 अगस्त 2026 तक अपनी उपज सरकारी उपार्जन केंद्रों पर बेच सकेंगे। वहीं, मूंग की सरकारी खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी कारण से अब तक अपनी उपज सरकारी केंद्र पर नहीं बेच पाए हैं।
मूंग खरीदी की सीमा 60 प्रतिशत तक बढ़ी
सरकार ने मूंग उपार्जन की सीमा में भी बदलाव किया है। अब पात्र किसानों से उनकी कुल उत्पादन मात्रा का 60 प्रतिशत तक मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। पहले यह सीमा 25 प्रतिशत थी। सीमा बढ़ाए जाने से मूंग उत्पादक किसानों को अपनी अधिक उपज सरकारी खरीद व्यवस्था में बेचने का अवसर मिलेगा। इससे किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर उपज बेचने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग जरूरी
मूंग की सरकारी खरीदी का लाभ लेने वाले किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्लॉट बुक करना होगा। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 है, जबकि मूंग और उड़द की सरकारी खरीदी 20 अगस्त 2026 तक चलेगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते स्लॉट बुक कर अपनी उपज उपार्जन केंद्र पर पहुंचाएं।
उड़द किसानों को मिलेगा ₹600 बोनस
उड़द उत्पादक किसानों के लिए भी सरकार ने राहत दी है। समर्थन मूल्य पर उड़द बेचने वाले पात्र किसानों को MSP के अतिरिक्त ₹600 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी जा रही है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें
मूंग की स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त है। इसके बाद सरकारी उपार्जन की प्रक्रिया के तहत मूंग और उड़द की खरीदी 20 अगस्त तक जारी रहेगी। किसानों को उपार्जन केंद्र पर जाते समय पंजीयन से संबंधित जानकारी और आवश्यक दस्तावेज साथ रखने होंगे। समय पर प्रक्रिया पूरी करने से किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने में परेशानी नहीं होगी।
सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। खासकर मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किए जाने से प्रदेश के प्रमुख मूंग उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।









