नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया अब आसान और तेज होगी। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय शिक्षा प्रतिनिधियों के संघ (AAERI) के साथ मिलकर ‘AAERI Verify’ प्लेटफॉर्म शुरू किया है। यह सिस्टम डिजिलॉकर से सीधे जुड़ा होगा और छात्रों के शैक्षणिक, पहचान व वित्तीय दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन करेगा।
नई व्यवस्था में छात्र की सहमति से विश्वविद्यालयों को दस्तावेज जारी करने वाली संस्थाओं से सीधे सत्यापित रिकॉर्ड मिल सकेंगे। इससे कागजी दस्तावेजों और मैन्युअल जांच की जरूरत कम होगी तथा फर्जी दस्तावेजों की संभावना भी घटेगी। प्रक्रिया को दो चरणों में रखा गया है—पहले छात्र के दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश प्रस्ताव मिलने के बाद प्रायोजक की वित्तीय जानकारी की जांच।
7 अगस्त को नई दिल्ली में AAERI के वार्षिक सम्मेलन के दौरान प्लेटफॉर्म का अनावरण किया गया। NeGD के निदेशक जेएल गुप्ता ने कहा कि यह पहल भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को वैश्विक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिलॉकर के वर्तमान में 72 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं।









