विद्यारम्भ प्रमाण-पत्र वितरण एवं ग्रेजुएशन सेरेमनी 24 मार्च को आयोजित होगी
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आंगनवाड़ी से प्राथमिक शाला में प्रवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
सभी जिलों में समारोहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश
इंदौर,महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत 5-6 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक शाला में सहज रूप से प्रवेश दिलाने एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECCE) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “विद्यारम्भ प्रमाण-पत्र” वितरण एवं ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रदेशभर में एक साथ मंगलवार, 24 मार्च 2026 को आयोजित होगा।
*प्रमाण-पत्र वितरण से बढ़ेगी शिक्षा के प्रति जागरूकता*
इस पहल के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्राप्त शिक्षा की महत्ता को रेखांकित किया जाएगा तथा समुदाय में इन केन्द्रों को शिक्षा के प्रमाणिक आधार के रूप में स्थापित किया जाएगा। इससे अभिभावकों को बच्चों को नियमित रूप से आंगनवाड़ी एवं आगे स्कूल भेजने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
*समारोहपूर्वक होंगे कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण*
जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विद्यारम्भ प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन समारोहपूर्वक किया जाए। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्राथमिक शाला के शिक्षकों एवं अभिभावकों को आमंत्रित कर बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
*निर्धारित मानकों के अनुसार होगा व्यय एवं प्रमाण-पत्र मुद्रण*
प्रमाण-पत्रों के मुद्रण हेतु प्रति प्रमाण-पत्र अधिकतम 5 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। व्यय का भुगतान वास्तविक दरों के आधार पर किया जाएगा। प्रमाण-पत्र ए-4 साइज कार्डशीट पर निर्धारित डिज़ाइन के अनुसार मुद्रित किए जाएंगे। प्रत्येक प्रमाण-पत्र पर 10 अंकों की यूनिक आईडी अंकित होगी, जिससे उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जा सके।
*रिकॉर्ड संधारण एवं प्रतिवेदन अनिवार्य*
आंगनवाड़ी केन्द्र स्तर पर प्रमाण-पत्र वितरण का संपूर्ण रिकॉर्ड निर्धारित प्रपत्र में संधारित किया जाएगा। इसके साथ ही परियोजना स्तर पर बच्चों की संख्या, वितरित प्रमाण-पत्रों तथा प्राथमिक शाला में प्रवेश लेने वाले बच्चों की जानकारी संकलित कर विभाग को भेजी जाएगी।
*सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता*
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु विभिन्न सहयोगी संस्थाओं जैसे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, रॉकेट लर्निंग, पीरामल फाउंडेशन, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एवं अन्य संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा।
*समुचित कार्यवाही के निर्देश*
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
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