दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध खाद्य विभाग का जांच अभियान

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दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध खाद्य विभाग का जांच अभियान

चलित खाद्य प्रयोगशाला से मिठाइयों, पनीर, दही व घी की हुई जांच

सुबोध नामदेव नरसिंहपुर। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह के निर्देशों के परिपालन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश द्वारा जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गुरुवार एवं शुक्रवार को संभागीय चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई।

नरसिंहपुर में स्टेशन स्थित तृप्ति स्वीट्स, अग्रवाल स्वीट्स एवं नेमा स्वीट्स का निरीक्षण कर पेड़ा, मगज के लड्डू, मावा की बरफी सहित विभिन्न मिठाइयों के नमूने लिए गए। इन खाद्य पदार्थों की चलित प्रयोगशाला के माध्यम से प्राथमिक जांच की गई।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री सारिका दुबे ने सुदामा कुटी रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किचिन में फ्रिज में खुले रखे टोमेटो सूप, वेज कोथे, शेजवान चटनी तथा गंदी कढ़ाई में खुले रखे खाद्य तेल को मौके पर ही अपने समक्ष नष्ट कराया गया। चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से किचिन में उपयोग की जा रही अन्य खाद्य सामग्रियों का भी परीक्षण किया गया। संदेह के आधार पर पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। किचिन में स्वच्छता की कमी पाए जाने पर रेस्टोरेंट संचालक को सख्त चेतावनी दी गई।

गोटेगांव में संदिग्ध घी जब्त

जांच अभियान के दौरान गोटेगांव स्थित न्यू कृष्णा डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से प्राथमिक परीक्षण एवं निरीक्षण के उपरांत पनीर, दही एवं घी के नमूने जांच के लिए लिए गए। इस दौरान 10 किलोग्राम 300 ग्राम घी, जिसकी कीमत 9,270 रुपये है, संदिग्ध पाए जाने पर मौके पर ही जप्त किया गया। खाद्य विभाग द्वारा जिले के सभी डेयरी एवं रेस्टोरेंट संचालकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा मिलावट पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।